थेरेपी को ( एंटीबाडी थेरेपी भी कहते हैं )
थेरेपी को ( एंटीबाडी थेरेपी भी कहते हैं )
इस थेरेपी का पहली बार प पहेला विश्व युद्ध के बाद 1918 में फैले स्पेनिश फ्लू के समय इस्तेमाल किया गया था।
इसके बाद लगातार संक्रमित बीमारियों को दूर करने में प्लाज्मा थेरेपी का यूज़ किया जाता रहा है।
उससे पहले
अगर आप मेरे चैनल में नए है तो
मेरे चैनल को सब्सक्राइब करे
और बेल आयकान को प्रेस करे
और ऑल नोटिफिकेशन के ऊपर जरूर क्लिक करे
ताकि मेरे आनेवाले नए वीडियो की नोटिफिकेशन आपको आसानिसे मिलती रहे
तो चलिए दोस्तो इस वीडियो को शुरू करते है ।
भारत में पहली बार अब कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज किया जाएगा।
इस थेरेपी में जो व्यक्ति कोरोना वायरस को मात देने में कामयाब हो जाता है।
उस व्यक्ति के खून को संक्रमित व्यक्ति में डालकर उसे ठीक किया जाता है।
इस थैरेपी में ठीक हुए मरीजों के खून की एंटीबॉडीज का इस्तेमाल किया जाता है।
जब कोई व्यक्ति इस वायरस को हराने में कामयाब हो जाता है या वह कोरोना वायरस संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो जाता है तो वह एंटीबाडीज बन जाता है और उसकी इम्युनिटी अल्प और दीर्घ समय के लिए मजबूत हो जाती है।
इससे इम्युनिटी सेल्स से प्रोटीन उत्सर्जित होता है, जो प्लाज्मा में पाए जाते हैं, जो आवश्यक होने पर रक्त को थक्का बनाने में मदद करते हैं।
इस थेरेपी से 3 से 7 दिन में मरीज ठीक हो जाता है।
केरल देश का पहला राज्य होगा जहां कोरोना ( Coronavirus ) संक्रमण मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थैरेपी ( Plasma Therapy In India ) का ट्रायल किया जाएगा।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ( ICMR ) ने केरल सरकार को अनुमति दे दी है।
केरल के श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के पहले प्रोजेक्ट के लिए आईसीएमआर ने सहमती दे दी है।
विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार एक व्यक्ति के प्लाज्मा से 3 मरीजों का इलाज किया जा सकता हैं।
दोस्तो आशा करता हूं की आपको वीडियो अच्छा लगा हो
फिर मिलते है नए वीडियो और नए टोपक के साथ
वीडियो अच्छा लगा हो तो शेयर लाइक और कमेंट जरुर कीजिए !
वीडियो देखने के लिए धन्यवाद !
थेरेपी को ( एंटीबाडी थेरेपी भी कहते हैं )
इस थेरेपी का पहली बार प पहेला विश्व युद्ध के बाद 1918 में फैले स्पेनिश फ्लू के समय इस्तेमाल किया गया था।
इसके बाद लगातार संक्रमित बीमारियों को दूर करने में प्लाज्मा थेरेपी का यूज़ किया जाता रहा है।
उससे पहले
अगर आप मेरे चैनल में नए है तो
मेरे चैनल को सब्सक्राइब करे
और बेल आयकान को प्रेस करे
और ऑल नोटिफिकेशन के ऊपर जरूर क्लिक करे
ताकि मेरे आनेवाले नए वीडियो की नोटिफिकेशन आपको आसानिसे मिलती रहे
तो चलिए दोस्तो इस वीडियो को शुरू करते है ।
भारत में पहली बार अब कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज किया जाएगा।
इस थेरेपी में जो व्यक्ति कोरोना वायरस को मात देने में कामयाब हो जाता है।
उस व्यक्ति के खून को संक्रमित व्यक्ति में डालकर उसे ठीक किया जाता है।
इस थैरेपी में ठीक हुए मरीजों के खून की एंटीबॉडीज का इस्तेमाल किया जाता है।
जब कोई व्यक्ति इस वायरस को हराने में कामयाब हो जाता है या वह कोरोना वायरस संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो जाता है तो वह एंटीबाडीज बन जाता है और उसकी इम्युनिटी अल्प और दीर्घ समय के लिए मजबूत हो जाती है।
इससे इम्युनिटी सेल्स से प्रोटीन उत्सर्जित होता है, जो प्लाज्मा में पाए जाते हैं, जो आवश्यक होने पर रक्त को थक्का बनाने में मदद करते हैं।
इस थेरेपी से 3 से 7 दिन में मरीज ठीक हो जाता है।
केरल देश का पहला राज्य होगा जहां कोरोना ( Coronavirus ) संक्रमण मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थैरेपी ( Plasma Therapy In India ) का ट्रायल किया जाएगा।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ( ICMR ) ने केरल सरकार को अनुमति दे दी है।
केरल के श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के पहले प्रोजेक्ट के लिए आईसीएमआर ने सहमती दे दी है।
विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार एक व्यक्ति के प्लाज्मा से 3 मरीजों का इलाज किया जा सकता हैं।
दोस्तो आशा करता हूं की आपको वीडियो अच्छा लगा हो
फिर मिलते है नए वीडियो और नए टोपक के साथ
वीडियो अच्छा लगा हो तो शेयर लाइक और कमेंट जरुर कीजिए !
वीडियो देखने के लिए धन्यवाद !


0 Comments
Please do not enter any spam link in the Comment box.
Emoji